Railway Facts : जब भी आप ट्रेन से सफर करते होंगे तो आपको कई ऐसी चीजें दिखाई देती होंगी और देखने में दुर्लभ और नायाब होती हैं। ऐसी चीजों को देखने के बाद मन में एक प्रश्न जरूर उठता है कि आखिर ऐसी चीजें किस उद्देश्य से लगाई गई हैं। फिर चाहे वो ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रखे ब्लैक बॉक्स हों या ट्रेन की छत पर लगे गोल ढक्कन, ऐसी ही अनेक चीजें आपको ट्रेन यात्रा के दौरान आसानी से दिख जाती होंगी। मगर, क्या आपने कभी ट्रेन के टॉयलेट पर गौर किया है ? दरअसल, भारत में कई ऐसी प्रीमियम ट्रेनें हैं जिनके टॉयलेट के बाहर गेट पर और अंदर फ्लश बटन के पास WC लिखा होता है। ये WC आपको बोर्ड पर लिखा या डिजिटल मीटर पर रनिंग फॉर्मेट में लिखा हुआ दिखाई देगा। लेकिन ये क्यों लिखा होता है और इसका क्या मतलब है आज हम आपको इसके बारे में बताने वाले हैं।
गौरतलब है कि, WC का फुल फॉर्म वाटर क्लोसेट (Water Closet) होता है। ये प्राय: फ्लश सिस्टम वाले टॉयलेट या वॉशरूम के लिए प्रयुक्त होता है। दरअसल, ये शॉर्ट फॉर्म दुनिया के सामने प्रतिपादित हुआ जब 19वीं सदी में फ्लश वाले टॉयलेट विकसित हो रहे थे। उस दौर में WC यानी वाटर क्लोसेट (Water Closet) उस बंद और निजी जगह के लिए प्रयुक्त होता है जहां फ्लश सिस्टम की व्यवस्था हो।
जब आप भारत की प्रीमियम ट्रेनों की यात्रा करेंगे तो आपको दिखेगा कि उन ट्रेनों के टॉयलेट के गेट या उसके आसपास WC लिखा होता है। इतना ही नहीं, ट्रेन के अंदर भी आपको नियम दिग्दर्शिका के आसपास WC लिखा हुआ मिल जाएगा।

दरअसल, इन जगहों पर WC भारतीय और विदेशी समेत यात्रा कर रहे सभी पैसेंजर्स को शौचालय की पहचान करने में सहूलियत प्रदान करना है। ट्रेनों के अलावा आपको WC रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, कॉम्प्लेक्स समेत कई जगहों के टॉयलेट के बाहर लिखा हुआ मिल जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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